Chandra Grahan 2026 एक बार फिर चर्चा में है, खासतौर पर इसलिए क्योंकि इस बार यह Raksha Bandhan 2026 के दिन ही पड़ रहा है। भारत में ग्रहण, चाहे वह सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण, दोनों को ही विशेष महत्व के साथ देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण का अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रहण को एक अशुभ काल की तरह देखा जाता है और इस दौरान कई लोग किसी भी अप्रिय घटना की आशंका के कारण विशेष सावधानी बरतते हैं। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल आ रहे हैं — क्या इस बार रक्षाबंधन 2026 किसी अशुभ समय में पड़ रहा है? क्या चंद्र ग्रहण 2026 का राखी बांधने के मुहूर्त पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
चंद्र ग्रहण कब है, रक्षाबंधन कब है, और Raksha Bandhan 2026 shubh muhurat क्या होगा? आज हम इन्हीं सभी सवालों के जवाब जानने का प्रयास करेंगे। साथ ही जानेंगे कि पौराणिक कथाओं के अनुसार चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण क्यों लगते हैं, क्योंकि किसी भी चीज से प्रभावित होने से पहले उसके कारण को समझना जरूरी होता है।
आइए जानते हैं इस साल रक्षाबंधन तारीख, ग्रहण काल, सूतक काल कब से कब तक रहेगा, ग्रहण के दौरान किन सावधानियों को ध्यान में रखना चाहिए और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सवालों के जवाब।
रक्षाबंधन 2026 दिन और शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan 2026 Date and Time)
रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार हर वर्ष श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 Raksha Bandhan की बात करें तो इस बार यह पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा।
हालांकि, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त 2026 को सुबह 9:09 बजे हो जाएगी, लेकिन इसके बावजूद रक्षाबंधन 27 अगस्त को नहीं मनाया जाएगा। इसका कारण है कि पूर्णिमा तिथि शुरू होने के साथ ही भद्रा काल भी प्रारंभ हो जाएगा।
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल के दौरान शुभ कार्यों को करना उचित नहीं माना जाता। इसलिए इस समय राखी बांधने जैसे शुभ कार्यों से बचा जाता है। पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे तक रहेगी, जबकि भद्रा काल 27 अगस्त की रात 9:32 बजे समाप्त हो जाएगा। इसलिए Raksha Bandhan 2026 shubh muhurat के अनुसार राखी बांधने का शुभ समय इस प्रकार रहेगा:
रक्षाबंधन 2026 शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan 2026 Muhurat): सुबह सूर्योदय के बाद 5:44 बजे से लेकर सुबह 9:48 बजे तक।
यानी भाई-बहन इस शुभ समय में राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए, एक बार फिर से Raksha Bandhan 2026 Date and Time से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:
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Details |
Date & Time |
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Raksha Bandhan 2026 Date |
28 August 2026, Friday |
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Purnima Tithi Begins |
27 August 2026, 9:09 AM |
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Purnima Tithi Ends |
28 August 2026, 9:48 AM |
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Bhadra Kaal Begins |
27 August 2026 |
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Bhadra Kaal Ends |
27 August 2026, 9:32 PM |
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Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat |
28 August 2026, 5:44 AM to 9:48 AM |
चंद्र ग्रहण 2026 कब है? (Chandra Grahan 2026 Date and Time)
वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लग चुका है, जो कि एक पूर्ण ग्रहण (Total Lunar Eclipse) था। वहीं, यह आने वाला चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा और यह इस साल का दूसरा और आखिरी ग्रहण होगा। यह ग्रहण रक्षाबंधन के दिन ही पड़ रहा है, जिसके कारण लोग जानना चाहते हैं कि 28 तारीख को चंद्र ग्रहण कितने बजे लगेगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होगा और लगभग 5 घंटे 39 मिनट तक रहने के बाद दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा। असल में, आंशिक चंद्र ग्रहण का समय सुबह 8:04 बजे से लेकर 11:22 बजे तक ही रहेगा। इससे पहले और इसके बाद उपछाया ग्रहण (Penumbral Eclipse) की स्थिति रहेगी।
यह वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण होगा, जो कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा।
हालांकि यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा। इसका अर्थ है कि इस दौरान चंद्रमा का कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की गहरी छाया में आएगा। पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया से नहीं ढकेगा, इसलिए इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण जितना प्रभावशाली नहीं माना जाता।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
इस कारण Raksha Bandhan 2026 के शुभ पर्व और Raksha Bandhan 2026 muhurat पर इस चंद्र ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और भाई-बहन बिना किसी चिंता के राखी बांध सकते हैं।
एक बार फिर से, आने वाले Chandra Grahan 2026 date and time से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी जा रही है:
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Details |
Date & Time |
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Chandra Grahan 2026 Date |
28 August 2026, Friday |
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Penumbral Phase of Eclipse Begins |
6:53 AM |
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Partial Lunar Eclipse Begins |
8:04 AM |
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Maximum Eclipse |
9:43 AM |
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Partial Lunar Eclipse Ends |
11:22 AM |
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Penumbral Phase of Eclipse Ends |
12:32 PM |
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Duration |
Approximately 5 hours 39 minutes |
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Sutak Kaal |
Not Applicable in India |
चंद्र ग्रहण 2026 के दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए?
जब भी कोई ग्रहण लगता है, चाहे वह सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण, उस समय कई लोग ग्रहण से जुड़े नियमों का पालन करते हैं ताकि ग्रहण के किसी भी नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके।
हालांकि, Chandra Grahan 2026 एक सामान्य चंद्र ग्रहण नहीं है, बल्कि यह एक आंशिक/partial ग्रहण है। और जैसा कि हम बता चुके हैं, इस ग्रहण में चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में नहीं आता, और यह सामान्य ग्रहण की तरह पूरी तरह प्रभावी नहीं माना जाता।
इसलिए आंशिक ग्रहण के दौरान सामान्य चंद्र ग्रहण जैसे सभी नियम लागू नहीं होते। आप अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रख सकते हैं।
इस दौरान:
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किसी भी प्रकार का सूतक काल (Sutak Kaal) मान्य नहीं होगा।
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मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे।
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खान-पान को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
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आप पूजा-पाठ या अन्य धार्मिक कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं।
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आप अपनी सामान्य दिनचर्या के अनुसार कार्य कर सकते हैं।
जब भी ग्रहण लगता है, सबसे अधिक चिंता गर्भवती महिलाओं को लेकर की जाती है। कई लोग मानते हैं कि ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
लेकिन Chandra Grahan 2026 भारत में दिखाई नहीं देगा और यह आंशिक ग्रहण है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। इस ग्रहण का उन पर कोई विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं मानी जाती है।
ग्रहण क्यों लगता है? पौराणिक कथाओं में चंद्र ग्रहण लगने का कारण
हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगने के पीछे एक बहुत ही रोचक कथा बताई गई है।
ऐसा कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान कई अद्भुत चीजें बाहर आई थीं, जिनमें से एक अमृत कलश भी था। देवता और असुर दोनों ही उस अमृत को प्राप्त करना चाहते थे, क्योंकि अमृत पीने से अमर होने की मान्यता थी।
असुरों ने चतुराई से अमृत से भरा कलश अपने पास रख लिया और देवताओं को देने से मना कर दिया। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार धारण किया। मोहिनी रूप में भगवान विष्णु ने अपनी बुद्धिमानी से असुरों से अमृत कलश प्राप्त कर लिया और उसे देवताओं में बांटना शुरू कर दिया।
असुरों में एक असुर था स्वरभानु, जो बहुत ही चालाक और मायावी था। वह देवता का रूप धारण करके चुपचाप देवताओं की पंक्ति में सूर्य देव और चंद्र देव के बीच जा कर बैठ गया ताकि वह भी अमृत पी सके।वह अमृत की कुछ बूंदें पीने में सफल हो भी गया। लेकिन उसी समय सूर्य देव और चंद्र देव ने उसकी सच्चाई पहचान ली और यह बात मोहिनी रूप में मौजूद भगवान विष्णु को बता दी।
यह जानकर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से देवता का रूप धारण किए हुए उस देवता बने असुर (स्वरभानु) का सिर काट दिया।
हालांकि, अमृत पी लेने के कारण स्वरभानु की मृत्यु नहीं हुई। उसका शरीर दो भागों में विभाजित हो गया। उसके सिर वाले भाग को राहु और गरदन के नीचे वाले भाग को केतु कहा गया।
कथा के अनुसार, क्योंकि सूर्य देव और चंद्र देव ने स्वरभानु की सच्चाई बताई थी, इसलिए राहु उनसे शत्रुता रखता है और समय-समय पर उन्हें निगलने का प्रयास करता है।
इसी रहस्यमयी घटना को हिंदू पौराणिक कथाओं में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के रूप में बताया गया है।
है ना, यह कथा काफी रोचक?
निष्कर्ष
उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से आपके मन में Raksha Bandhan 2026 और Chandra Grahan 2026 को लेकर जो भी सामान्य सवाल थे, उनके जवाब मिल गए होंगे।
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का एक बहुत ही खूबसूरत त्योहार है। यह वह खास अवसर होता है जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई भी अपनी बहन के प्रति अपने प्रेम और जिम्मेदारी को व्यक्त करता है।
हर साल रक्षाबंधन इस रिश्ते को और भी खास बनाने का अवसर लेकर आता है। अगर आप इस बार Raksha Bandhan 2026 को कुछ अलग तरीके से मनाना चाहते हैं, तो अपनी बहन या भाई को कोई ऐसा उपहार दे सकते हैं जो लंबे समय तक उनकी यादों में बना रहे।
ऐसे में रत्न (Gemstones) एक अनोखे और यादगार उपहार विकल्प हो सकते हैं। मान्यता है कि शुभ रत्न व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और अच्छे प्रभाव लाने में सहायक हो सकते हैं।
रक्षाबंधन 2026 के लिए खास gemstone gift ideas
Pramogh के पास precious और semi-precious gemstones का एक बड़ा संग्रह उपलब्ध है, जिनमें से कई रत्न Raksha Bandhan 2026 gift ideas के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं।
आप अपनी बहन या भाई के लिए rose quartz, amethyst, pyrite, aquamarine, labradorite, lapis lazuli, rainbow moonstone और tiger eye जैसे खूबसूरत semi-precious stones चुन सकते हैं। इन gemstones से बने bracelets भी एक सुंदर और meaningful gift option हो सकते हैं।
अगर आप कुछ premium range में उपहार देना चाहते हैं, तो opal, Irani firoza, pearl, blue zircon या फिर diamond जैसे कीमती रत्न भी चुन सकते हैं।
Pramogh के विशाल gemstone collection में आपको अपनी पसंद और budget के अनुसार कई खूबसूरत विकल्प मिल जाएंगे।
इसी के साथ हम आपसे विदा लेते हैं और प्रार्थना करते हैं कि आपका Raksha Bandhan 2026 बहुत शुभ और खुशियों से भरा हो। आपके भाई-बहन का रिश्ता हमेशा प्रेम, विश्वास और मधुरता से बना रहे।


